The Alone !
अकेलापन ( Alone )-:
बहुत गुमान था हमे परिवार के होने का ,
फिर हुई एक चोट और हम अकेले हो गए !
जिन अपनों के लिए गैरों से दोस्ती न की हमने ,
जिन अपनों के लिए किसी को कुछ भी न समझा हमने,
जिनकी एक -एक बात पत्थर की लकीर थी मेरे लिए ,
बात जब अपनेपन की आयी तो नाता तोड़ लिया !
अपने गैरो से भी ज्यादा बेगानापन रखते है ,
और गैर अपनों से भी ज्यादा अपनापन !
फिर क्यूँ अपनों को अपना और गैर को बेगाना कहते हैं ?
दूसरों को इतना दर्द न दे कोई ,
की उसका दर्द भी दरवाजे पर दस्तक दे ! दे !
माँ -बाप ने मेरे दर्द को अपना बना लिया।,
जब वो न रहे तो अपनों ने बेगाना बना दिया !
किस - किस को दर्द दिखाए अपना ,
हर अपना हाथ में खंजर लिए बैठा है !



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